भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी सर्वपल्ली राधाकृष्णन Sarvepalli Radhakrishnan | 5 सितंबर | 5 September | राष्ट्रीय शिक्षक दिवस | National Teacher’s Day बंदऊँ गुरु पद पदुम परागा। सुरुचि सुबास सरस अनुरागा॥ अमिअ मूरिमय चूरन चारू। समन सकल भव रुज परिवारू॥ भावार्थ- मैं गुरु महाराज के चरण कमलों की रज की वन्दना करता हूँ, जो सुरुचि, … Read more

भारत का स्वर्णिम अतीत : तेल्हाड़ा विश्वविद्यालय

भारत का स्वर्णिम अतीत : तेल्हाड़ा विश्वविद्यालय इन्क्रेडिबल इंडिया: सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय तेल्हाड़ा विश्वविद्यालय जैसी सांस्कृतिक विरासत का महत्त्व एवं ऐतिहासिक योगदान के बारे में जानकारी असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मामृतं गमय।। बृहदारण्यकोपनिषद् का उक्त वाक्य भारतीय ज्ञान और ज्ञान प्राप्ति की तीव्र उत्कंठा को दर्शाता है। विश्व के ज्ञात इतिहास को परखे … Read more

नहीं है खबर मुझे

नहीं है खबर मुझे नहीं है खबर मुझे – अरुण स्वामी द्वारा रचित कविता मैं किस मुकाम पर हूँ नहीं है खबर मुझे, मुकद्दर ने मारा कैसा खंजर मुझे? मंजिल पर आके अपनी अजब हादसा हुआ, मैं धड़कन को भूल गया और मेरा दिल मुझे! -अरुण स्वामी दिल कहाँ रखा????? बेदाग जिन्दगी भटूरे (Bhature) विज्ञान … Read more

मेजर ध्यानचंद (हॉकी के जादूगर)

मेजर ध्यानचंद जीवन परिचय मेजर ध्यानचंद Major Dhayanchand जीवन परिचय पुरस्कार एवं सम्मान तथा संपूर्ण जानकारी “हमारी टीम से खेलो हम तुम्हें जर्मनी की नागरिकता और जर्मन सेना में जनरल का पद देंगे।” 1936 के बर्लिन ओलंपिक में हॉकी के फाइनल मैच में भारत से मिली करारी हार के बाद जर्मन तानाशाह हिटलर ने यह … Read more

हिन्दी साहित्य विभिन्न कालखंडों के नामकरण

हिन्दी साहित्य कालखंड नामकरण कालखंड नामकरण एवं हिन्दी साहित्य काल विभाजन तथा हिंदी साहित्य में प्रचलित काल विभाजन और नामकरण की संपूर्ण जानकारी | हिन्दी साहित्य काल विभाजन एवं कालखंड नामकरण | काल विभाजन और नामकरण की जानकारी | Hindi Sahitya | Kaalkhand | Kaal Vibhajan | Naamkaran Hindi Sahitya | Kaalkhand | Kaal Vibhajan … Read more

दिल कहाँ रखा?

दिल कहाँ रखा? दिल कहाँ रखा? रचनाकार अरुण स्वामी द्वारा रचित प्रसिद्ध कविता फुरसत में करेंगे तुझसे हिसाब ऐ जिन्दगी, अभी तो उलझे हैं खुद को सुलझाने में। कभी इसका दिल रखा कभी उसका दिल रखा, इसी कशमकश में भूल गए खुद का दिल कहाँ रखा????? नहीं है खबर मुझे दिल कहाँ रखा????? बेदाग जिन्दगी … Read more

बेदाग जिन्दगी

बेदाग जिन्दगी जी ऐ मुसाफिर धोखा तो तुझे जिन्दगी भी देगी दिल कहाँ रखा????? बेदाग जिन्दगी भटूरे (Bhature) विज्ञान तथा प्रकृति (Science and Nature) अतः हमें आशा है कि आपको यह जानकारी बहुत अच्छी लगी होगी। इस प्रकार जी जानकारी प्राप्त करने के लिए आप https://hindipage.com पर Visit करते रहें।  

हिन्दी साहित्य काल विभाजन

हिन्दी साहित्य काल विभाजन एवं नामकरण साहित्येतिहास की आवश्यकता हिन्दी साहित्य काल विभाजन एवं कालखण्डों के नामकरण तथा हिंदी साहित्य में प्रचलित काल विभाजन और नामकरण की संपूर्ण जानकारी “प्रत्येक देश का साहित्य वहाँ की जनता की चित्तवृत्ति का संचित प्रतिबिंब होता है, तब यह निश्चित है कि जनता की चित्तवृत्ति के परिवर्तन के साथ-साथ … Read more

भारतीय शिक्षा अतीत और वर्तमान

भारतीय शिक्षा अतीत और वर्तमान “घर बालक की प्रथम पाठशाला और माता-पिता उसके प्रथम शिक्षक होते हैं।” उक्त कथन पूर्ण सत्य है बालक अपना पहला ज्ञान अपने परिवार और परिजनों से ही लेता है और उसके बाद ही वह समाज में प्रवेश करता है। समाज में प्रवेश करके वह समाज के बारे में प्रयोगात्मक ज्ञान … Read more

विज्ञान तथा प्रकृति (Science and Nature)

प्रकृति एक ऐसा शब्द जो मानव जीवन का आधार है, मानव जीव का पूरक है, मानव जीवन की कल्पना भी प्रकृति के बिना असंभव है। इन सब बातों को समेकित रूप में कहा जा सकता है कि मानव भी प्रकृति का ही एक अंश है या यूं कहें कि मानव भी प्रकृति ही है। अब … Read more

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