नहीं है खबर मुझे

नहीं है खबर मुझे नहीं है खबर मुझे – अरुण स्वामी द्वारा रचित कविता मैं किस मुकाम पर हूँ नहीं है खबर मुझे, मुकद्दर ने मारा कैसा खंजर मुझे? मंजिल पर आके अपनी अजब हादसा हुआ, मैं धड़कन को भूल गया और मेरा दिल मुझे! -अरुण स्वामी दिल कहाँ रखा????? बेदाग जिन्दगी भटूरे (Bhature) विज्ञान … Read more

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